बाबा झोली भर दे आशा पुरी कर दे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे,

बाबा झोली भर दे आशा पुरी कर दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

मैं तो सोना नहीं मांगु बाबा चांदी नहीं मांगु,

श्री राम का मुकुट मोहे दान कर दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

बाबा शॉल नहीं मांगु मैं दुशाला नहीं मांगु,

श्री राम का पितांबर मोहे दान कर दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

बाबा लड्डू नहीं मांगू मैं तो पीहर नहीं मांगु,

मेरे सिर पर बाबा अपना हाथ रख दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

मैं तो कोठी नहीं मांगू बाबा बंदा नहीं मांगु,

मेरी झोपड़ी में बाबा अपने पैर धर दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

मैं तो कार नहीं मांगू बाबा गाड़ी नहीं मांगु,

मेरी नैया को बाबा तू पार कर दे,

बाबा नाटै मत नाटै मत झोली भर दे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।