मेरे बालाजी का क्या कहना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तेरा नाम लेते काम बन जाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना,

क्या कहना जी क्या कहना,

जुड़ा जन्मो जनम का तुझसे नाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना....

तुझसे लगी मेरी ऐसी लगन,

तुमको निहारे हरपाल नयन,

रहूँ सुबह शाम मैं तुझमे मगन,

तेरे शिव और कोई नाही भाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना......

मेरे बालाजी का क्या कहना,

क्या कहना जी क्या कहना,

तेरा नाम लेते काम बन जाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना.....

जो भी आये तेरे दर पे सवाली,

आज तलाक ना गया कोई भी खाली,

ये जीवन तेरे कर डालू,

तू गजब का नाता निभाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना.....

मेरे बालाजी का क्या कहना,

क्या कहना जी क्या कहना,

तेरा नाम लेते काम बन जाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना....

मैं ना रूठू तू मुझसे ना रूठे,

वार्ना कहेगा स्नाहे दुनिया छूटे,

बंधन तेरा मेरा कभी न टूटे,

नाम लेते चैन दिल को आजाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना.....

तेरा नाम लेते काम बन जाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना,

क्या कहना जी क्या कहना,

जुड़ा जन्मो जनम का तुझसे नाता,

मेरे बालाजी का क्या कहना…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।