शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी....

आँखों से रोज अपनि राहे बुहारती,

कांटे लगे ना कोई कोमल है राम जी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....

डलियाँ में बेर बागो से चुन चुन के ला रही,

कलियाँ में बेर बागो से चुन चुन के ला रही,

खट्टे हो चाहे मीठे हो खाएँगे राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....

आये जब श्री राम जी चरणों में गिर पड़ी,

अंसुअन से धो रही है चरणों को राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....

सुन्दर बिछा के आसन बैठाया राम को,

दिया कंद मूल लाकर खाए है राम जी,

मेरा भी धन्य जीवन बनायेंगे रामजी,

शबरी सँवारे रास्ता आएंगे राम जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।