अपनी कृपा का वरदान दीजिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अपनी कृपा का भोले वरदान दीजिए,

मुझको अपने चरणों में स्थान दीजिए,

हर के दुख सुखों का मुझे इनाम दीजिए,

मुझको अपने चरणों में स्थान दीजिए,

हर के दुख.....

अहसान आपका कभी ना भूलूं,

राजीव पर इतना अहसान कीजिए,

हर के दुख.....

चरणों में आपके लगादी है अर्जी,

अर्जी पर मेरी प्रभु जी ध्यान दीजिए,

हर के दुख.....

अपनी कृपा का भोले वरदान दीजिए,

मुझको अपने चरणों में स्थान दीजिए,

हर के दुख सुखों का मुझे इनाम दीजिए,

मुझको अपने चरणों में स्थान दीजिए....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।