हाथ जोड़ के मां तुझसे यह कहना है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है,

दिल की कहके दिल हल्का कर लेना है,

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है....

तेरे दर की है मां रीत निराली,

खाक को तू लाखों का करने वाली,

तेरी रहमत का धन मां मुझे भी लेना है,

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है....

अपने रंग में मां मुझे तू रंग दे,

खजाना प्यार का मां तू संग दे,

प्यार तेरा मां खुशियों का गहना है,

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है....

लाखों पापी मां तूने हैं तारे,

दुनिया को सुख देती है सारे,

मेरा भी दुख मां तुझको हर लेना है,

राजीव का दुख मां तुझको हर लेना है,

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है....

बड़ी दयालु है मां सबपे दया तू कर दे,

खुशियों का सबको मां तू वर दे,

मां तेरे होते और दुख नहीं हमें सहना है,

कहना है हाथ जोड़ मां तुझसे कहना है....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।