शिव शंकर औघड़ दानी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मस्त मस्त मस्त मस्त मौला,

मस्त मस्त मस्त मस्त मौला,

भांग पीकर रहते है हरदम मस्तमौला,

शिव शंकर औघड़ दानी बम भोला,

भांग पीकर रहते है हरदम मस्तमौला....

हो रास आती नही इनको तो संग पलंग,

रहते भस्मी रमाये हर क्षण अंग अंग,

धारण करते वाघम्बर ओढ़ लेते मृगछाला,

शम्भु देवो के देव बड़े मतवाला,

भांग पीकर रहते है हरदम मस्तमौला

शिव शंकर औघड दानी बम भोला,

बम बम भोले बम भोले बम बम भोले…..

इनको भाता कभी भी नही खोवा मलाई,

इनकी चाहत ना होती कभी हाईफाई,

देते सबको भंडारे इनकी महिमा है न्यारी,,

इनके नामो की दुनिया जपती है माला,

भांग पीकर रहते है हरदम मस्तमौला,

शिव शंकर औघड दानी बम भोला.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।