भोला शिव शंकर है नाचता

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शम्भू भोलेनाथ का डमरू है बाजता,

डमरू की धुन पे भोला शिव शंकर है नाचता....

देवी देवता झूम रहे है डमरू की ताल पे,

नंदी छम छम नाचे है मन प्रेम डाल के,

क्या दिन है और रात क्या सपने भुला दिया,

शिव शम्भू भोले नाथ का डमरू है बाजता,

डमरू की धुन पे भोला शिव शंकर है नाचता.....

जीवन शिव है मुक्ति भी शिव है,

तेरे भक्तो के धड़कन में शिव है,

हम भक्तो को बम भोले तेरा ही आसरा,

शिव शम्भू भोले नाथ का डमरू है बाजता,

डमरू की धुन पे भोला शिव शंकर है नाचता....

सारे श्रृष्टि में है छायी खुशिया हजार है,

शिव मस्त मलंग हो करके नंदी सवार है,

भोले बड़ा ही सुन्दर सा रूप बना लिया,

शिव शम्भू भोले नाथ का डमरू है बाजता,

डमरू की धुन पे भोला शिव शंकर है नाचता.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।