आरती भागवत की भाग्य में

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आरती भागवत की भाग्य में है हमारी,

आओ हम मिलकर करें,

पूरे जीवन में हमारी....

ज्ञान वैराग्य यही है भक्ति आधार यही है,

सत्य का सार यही है मंगलाचार यही है,

मंगलम हो रही,

मिले शुभ लाभ हमारी,

आरती भागवत की....

मिलेंगे बांके बिहारी मिटेंगे कष्ट हमारी,

अवध के राम मिलेंगे करे कल्याण हमारी,

धन्य अब हो रही,

देखो जीवन यह हमारी,

आरती भागवत की....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।