मेरे भोले ने बुलाया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे भोले ने बुलाया लेके कावड़ मैं आया.....

कंधे कावड़ उठाके नारा बम भोले लगाके,

कावड़ उठके नारा बम भोले दा लाके,

भोले दे आये मस्ताने देखलो,

सारे नच्दे कावड़िये दीवाने देखलो....

हरिद्वार गंगोत्री तो कोई लेके कावड़ आया,

नाम सुरूर है शिव भोले दा सब भक्त पे छाया,

भोले दे आये परवाने देखलो,

सारे नच्दे कावड़िये दीवाने देखलो…..

शिव शंकर कैलाशपति दा सारा जग है दीवाना,

मौजा ही मौजा करदा जिसने रंगया बाना,

मस्ती च होये मस्ताने देखलो,

सारे नच्दे कावड़िये दीवाने देखलो…..

तीन लोका दे मालिक ने मेरे भोले बाबा त्रिपुरारी,

देश विदेश च चर्चा है दुनिया मनदी है सारी,

‘सनी’ रहमता दे खुल्ले ने ख़ज़ाने देखलो,

सारे नच्दे कावड़िये दीवाने देखलो…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।