भोले बाबा साथ में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

रूठा सा चेहरा लेके मैं मंदिर में पहुँच गया,

नज़र पड़ी भोले बाबा की जीवन संभल गया,

दिल से तू करले पुकार भोले बाबा साथ में,

डरने की क्या बात भोले बाबा साथ में....

जय शंकर...........जय शंकर............

सुना है तूने लाखों की किस्मत बनाई है,

ना जाने मेरी अर्ज़ी कहाँ छिपाई है,

महादेव मेरे महादेव मेरे मुझे तेरी शरण में रहने दे,

कुछ दर्द है मेरे सीने में महादेव आप से कहने दे,

दिन हो चाहे रात भोले बाबा साथ में,

डरने की क्या बात भोले बाबा साथ में.....

जय शंकर...........जय शंकर............

सुना है शंकर दिल के नेक बन्दों से प्यार करता है,

दिल के करीब रहके साड़ी बात सुना करता है,

भक्तों के चेहरे की ह ांसि भोला तेरी बदौलत है,

सब हो जाता तेरे भरोसे तू ही सच्ची दौलत है,

रख मन में विध्वस भोले बाबा साथ में,

डरने की क्या बात भोले बाबा साथ में......

जय शंकर...........जय शंकर...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।