अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी,

राम नाम रट लागी अब कैसे छूटे राम नाम रट लागी.....

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी,

जाकी अंग-अंग बास समानी,

अब कैसे छूटे.....

प्रभु जी तुम दीपक हम बाती,

जाकी ज्योत जले दिन राती,

अब कैसे छूटे....

प्रभु जी तुम मोती हम धागा,

जैसे सोने बीच सुहागा,

अब कैसे छूटे....

प्रभु जी तुम धन वन हम मोरा,

जैसे चंदा बीच चकोरा,

अब कैसे छूटे.....

प्रभु जी तुम गुरुवर हम दासा,

तेरी सेवा करें दिन राती,

अब कैसे छूटे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।