हरि सुमिरन करो सुबह शाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरि सुमिरन करो सुबह शाम हरि जी बेड़ा पार करें,

गुरु सुमिरन करो सुबह शाम गुरु जी बेड़ा पार करें.....

हरी सुमिरो तो ऐसे सुमरो जैसे कौशल्या माई,

उसके अंगना में खेले भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....

हरि सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे शबरी बाईं,

उसकी कुटिया में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....

हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे मीराबाई,

उसके प्याले में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम....

हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे कर्मा बाई,

उसके खिचड़ी पे रीझे भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....

हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे हरनंदी बाई,

वाके पटले पर आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....

हरी सुमरो तो ऐसे सुमरो जैसे द्रोपती माई,

भरी सभा में आए भगवान हरि जी बेड़ा पार करें,

हरि सुमिरन करो सुबह शाम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।