मस्ती तेरे नाम की सब संगत पर छाई

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मस्ती तेरे नाम की सब संगत पर छाई,

अरे टोली दीवनो की आज ये झूमने है आई,

आँखों से नींद उड़ी अब होश नहीं साई....

बेताव दीद की थी नजरे दीवानी ये,

मुदत से न देखा था चेहरा नूरानी ये,

बड़े भोले है हस्ते है सुनके सबकी साई साई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई....

तेरे नाम की नग्मों की लेहरो में रहु बेहता,

गा गा के तेरी महिमा दुनिया से रहु कहता,

दुनिया को भूल के तेरी महिमा है गाई गाई

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई....

तेरी महिमा सुन सुन के हम दर पे आते है,

तेरे श्री चरणों में अपना शिश झुकाते है,

आने से दर तेरे खुशियां सारी पाई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई....

तेरी शान जगत में है तेरा रूप निराला है,

तू दया का सागर है सबका रखवाला है,

सोणा दर्श दिखते हैं संगत को भाई भाई,

मस्ती तेरे नाम की यु इस दिल में है छाई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।