दीदार कहां होगा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पता दे कोई मुझको,

मेरे प्रभु का दरबार कहां होगा,

बता दे कोई मुझको,

मेरे प्रभु का दीदार कहां होगा.....

मथुरा वृंदावन बद्री काशी,

ढूंढा सब में वो अविनाशी,

मिला नहीं करतार कहां होगा,

बता दे कोई मुझको.....

क्यूं भटके घट घट तू प्राणी,

मन में क्यूं ना खोजे तू अज्ञानी,

झांक भीतर अपने तू,

तेरा सरदार वहां होगा,

पता दे कोई मुझको,

राजीव के प्रभु का दीदार कहां होगा....

खोज मन के भीतर तू,

उसका दीदार वहां होगा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।