मेरे नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा,

तेरे नाम की है झोली तेरे नाम का गुजारा,

रुठा अच्छा नहीं लागे मेरा केदारा,

निकला हूं आज मेरा भोला मनाने,

तेरे पहाड़ों पे मैं धोरा धरती से आया,

तुझको मनाने भोलेनाथ,

मेरें नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा.....

बहती गंगा से लाया भर के कमंडल,

तुझको नहलाने भोलेनाथ,

गंगा की धार से पूछा किधर केदारा,

रहता कहां है मेरा नाथ,

नीलकंठ के दर्शन करके केदारा,

पहुंचा हूं सुन ले भोले नाथ,

ऊंचे पहाड़ों वाले पैरों में पड़ गए छाले,

आया मनाने तुझको नाथ,

मेरें नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा.....

दिन भर मैं भोले तेरी भांग रगडुंगा डमरु बजाऊं तेरे साथ,

मेरी ये दुनिया सारी दुनिया को दे दे,

मुझको मिले बस तेरा साथ,

स्वर्ग से प्यारा लागे मुझको केदारा,

चरणों में रख ले भोले नाथ,

सिर पर चंदा चमकारा उस पर गंगा की धारा,

तुझसा ना कोई प्यारा नाथ,

मेरें नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा.....

मेरे नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा,

तेरे नाम की है जोली तेरे नाम का गुजारा,

रुठा अच्छा नहीं लागे मेरा केदारा,

निकला हूं आज मेरा भोला मनाने,

तेरे पहाड़ों पे मैं धोरा धरती से आया,

तुझको मनाने भोलेनाथ,

मेरें नाथ केदारा तेरे नाम का सहारा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।