ह्रदय में राम बसे हैं संग में जानकी माता

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

ह्रदय में राम बसे हैं,

संग में जानकी माता,

बैठा खड़ताल बजाए,

भजन राम के गाता....

आठों याम, सुबह शाम,

राम की महिमा गाता,

राम नाम की मस्ती में,

सुध सारी बिसराता,

ह्रदय में राम बसे हैं....

संकट उबारे राम के,

संकटमोचन कहलाता,

प्रिय जो अति राम का,

जिसे दुलारती सीता माता,

ह्रदय में राम बसे हैं....

राम लखन मां सीता की,

जय जय कार लगाता,

जो लगाए जयकारा वीर का,

वो कृपा राम की पाता,

राजीव लगाए जयकारा वीर का,

वो कृपा सदा ही पाता,

ह्रदय में राम बसे हैं....

©राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।