मन भजन कर हरी नाम का

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

मन भजन कर हरी नाम का ,

हरी नाम बिन प्रभु नाम बिन जीवन नही किसी काम का,

ये नाम ही सुख सार हा ये नाम ही धार है,

यह नाम ही आधार है,ये नाम रस धर है,

इस नाम के ही भजन से होनी नैया पार है,

मन भजन कर हरी नाम का ......

ये नाम ही सचाई है ये नाम ही सुख दाई है,

इस नाम से तू प्यार कर इस नाम का ही विचार कर,

इस नाम के ही जपान से होना वेडा पार है,

मन भजन कर हरी नाम का .....

इस नाम का तू शरवन कर इस नाम में ही रमन कर,

इस नाम रस का पान कर इस नाम का ही गान कर,

इस नाम के ही मनन से होना तेरा उधार है......

मन भजन कर हरी नाम का .........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।