मेरी बिटिया चली है ससुराल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बिटिया चली है ससुराल,

श्याम तू संभाल इसको,

जैसे पाला है यूँ आगे भी तू पाल,

श्याम तू संभाल इसको....

बांहो का ये झूला मैंने जिसको झुलाया है,

आज ये ही समझा हूँ धन वो पराया है,

रखा पलकों में सालों साल,

श्याम तू संभाल इसको,

मेरी बिटिया चली है ससुराल,

श्याम तू संभाल इसको....

जसि लाड़ली की करी हर ज़िद पूरी है,

आज चली जायेगी ये कैसी मजबूरी है,

हाल मेरा तो हुआ है बेहाल,

श्याम तू संभाल इसको,

मेरी बिटिया चली है ससुराल,

श्याम तू संभाल इसको....

अपनी कृपा में इसको भी रख लेना तू,

मेरी पूजा पाठ का भी फल इसे देना तू,

होने देना नहीं बांका एक बाल,

श्याम तू संभाल इसको,

मेरी बिटिया चली है ससुराल,

श्याम तू संभाल इसको.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।