भगत धमाला पांदे

बिला जडियाले वाला
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मथे ला लई सब ने रोली,हर इक ने गल पा लई मोली,

हथ बिच फड के धजा नारीयल-2 अाये जैकारे लांदे,

माये नी तेरे दर आ के भगत धमाला पांदे ,

किसे हथ बिच ढोलक है ते किसे दे हथ बिच छैणा ए,

दीवाने मसताने तेरे भगता दा की कैहणा ए,

नाम तेरे दी मसती दे बिच-2 तेरीया भेटा गांदे,

माये नी तेरे ............

जिस जिस नु मा आप दातीऐ पाईयां चिठीयां पयार दीयां,

लैण आ गया खुशीया दर तो उह सारे संसार दीयां,

पहुच तेरिया भवना अगे -2 फुलिया नही समादें,

माये नी तेरे ..........

आपने पयारे भगता दी तु हर इक आस पुचा अमीए,

खोल भवन दा बुहा छेती ना हुण देर लगा अमीए,

जडियाले दे बिले वरगे -2 दरशन करना चांदे,

माये नी तेरे .........

लेखक- बिला जडियाले वाला

गायक- विपन शरमा बिटटु

मोबाईल-098154 02742

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।