हम भी तो मोहन तेरे दीवाने

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हमको कन्हैया लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैयाँ लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने.....

तुम पर ही हमने श्याम,

सब कुछ कर दिया कुर्बान,

हर पल देखूं तुमको,

यही मेरे दिल का अरमान,

आओ कन्हैया,

जाने अनजाने जाने अनजाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैयाँ लगे क्यों भुलाने,

लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने.....

हे जादूगर घनश्याम,

हमें मदहोश कर देना,

इस दिल की चादर पे,

नाम अपना ही लिख देना,

अब नहीं करना,

श्याम बहाने श्याम बहाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैयाँ लगे क्यों भुलाने,

लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने.....

दीनों को सताने में,

तुम्हे क्या खुशियां मिलती है,

तब और सताओ श्याम,

ये आदत अच्छी लगती है,

अदाएँ जो देखी ओम,

लगे मुस्कुराने लगे मुस्कुराने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैयाँ लगे क्यों भुलाने,

लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैया लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने,

हमको कन्हैयाँ लगे क्यों भुलाने,

हम भी तो मोहन तेरे दीवाने.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।