नाचो हमारे अंगना बिहारी वाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाचो नाचो हो॥

नाचो हमारे अंगना बिहारी वाला नाचो हमारे अंगना

मेरे घर आओगे तो माखन खिलाऊंगी॥

खाने को दूंगी मिशरिया बिहारी वाला नाचो हमारे अंगना

नाचो हमारे.....

मेरे घर आओगे तो बिस्तर लगाउंगी॥

ओढ़ने को दूंगी चुनरिया बिहारी वाला नाचो हमारे अंगना

नाचो हमारे.....

मेरे घर आओगे तो शादी कराउंगी-२

ला दूंगी राधा गुजरिया बिहारी वाला नाचो हमारे अंगना

नाचो हमारे......

मेरे घर आओगे तो सखियों को बुलाऊंगी॥

बजाने को दूंगी बंसुरिया बिहारी वाला नाचो हमारे अंगना

नाचो हमारे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।