जय गिरधर गोपाला मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जय गिरधर गोपला मेरा जय गिरधर गोपाला,

जो कल्याण करे सब जग भक्तन का रखवाला॥

रूप विराट दिखा अर्जुन को गीता ज्ञान बताया,

सारे जग को हे परमेश्वर कर्म का पाठ सिखाया,

है कमलापति है नारायण तू जग प्रतिपाला॥

द्रुपद सुता को चीर बढ़ाया गज की जान बचाई,

दुर्योधन के मेवा त्यागे साग विदुर घर खाई,

जब जब कष्ट पड़ा भक्तों तुमने आन सम्हाला॥

दीनो के दुख हरने वाले तुमको नमन हमारा,

निश दिन शीष झुकता तुमको द्वारे इक दुखियारा,

राजेन्द्र को निज धूल चरण की दे दे दीनदयाला॥

गीतकार/गायक-राजेन्द्र प्रसाद सोनी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।