मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी,

मैं आई तेरे द्वार भोले शंकर जी,

शंकर जी शंभू जी,

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी....

भोला भाला नाम तुम्हारा,

पतित जनों को तारणहारा,

मेरा भी करो उद्धार भोले शंकर जी,

शंकर जी शंभू जी,

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी....

जो भी तुम्हारी शरण में आया,

उसका तुमने कष्ट मिटाया,

तेरे सर गंगा की धार भोले शंकर जी,

शंकर जी शंभू जी,

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी....

द्वार तुम्हारा मोक्ष का द्वारा,

दर्शन को आता जग सारा,

तेरा नाम जपे संसार भोले शंकर जी,

शंकर जी शंभू जी,

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी....

फूल चढ़ाऊ तेरी ज्योत जलाऊ,

निस दिन तेरा ध्यान लगाऊं,

दे दो दर्शन एक बार भोले शंकर जी,

शंकर जी शंभू जी,

मेरा कर दो बेड़ा पार भोले शंकर जी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।