वेदों में गाया जाए हरि ओम नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हरि ओम नमः शिवाय, हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

तेरी जटा में गंगा बिराजे माथे पर चंदा साजे,

और डम डम डमरू बाजे, हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

तेरी लीला सबसे न्यारी, इसे जाने दुनिया सारी,

तेरी महिमा वर्णी ना जाए, हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

तू अंग भभूत रमाय और भांग धतूरा खाए,

श्री राम का ध्यान लगाए हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

यह जग है मुसाफिर यहाँ लगा रहता आना-जाना,

क्यों इससे नेह लगाए हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

यह माटी का तन तेरा क्यों करता मेरा मेरा,

एक दिन माटी में मिल जाए हरि ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

यह भक्त तेरा गुण गाए चरणों में शीश झुकाए,

गुणगान करें चित लाय हरी ओम नमः शिवाय,

वेदों में गाया जाए....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।