भक्तों का बेड़ा शिव पार करें

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जटा में गंगा जी विहार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें,

दर्शन जो एक बार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें....

बैठे शंभू भभूति रमाए,

गले सर्पों की माला सजाए,

माथे पर चंदा उजियार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें.....

कांधे सोहे जनेऊ सुंदर,

ओढ़े शंकर जी बाघाम्बर,

भांग धतूरे का आहार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें....

नंदी गण शोभित हैं ऐसे,

सागर बीच कमल हो जैसे,

डमरू मधुर झंकार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें.....

काहे उमा जो बम बम भोला,

निर्मल मन हो उसका चोला,

सत्संग जो एक बार करें,

भक्तों का बेड़ा शिव पार करें....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।