हम ना चरैब तोहर गैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम ना चरैब तोहर गैया, यशोदा मैया,

हम ना चरैब तोहर गैया।

चारे महीना मैया गर्मी के दिनवा,

गर्मी के दिनवा मैया गर्मी के दिनवा,

गर्मी से चुए पसिनवा यशोदा मैया,

हम न चरैब तोहर गैया।

चारे महीना मैया बर्षा के दिनवा,

वर्षा के दिनवा मैया बर्षा के दिनवा,

वर्षा से भीगे बदनवा यशोदा मैया,

हम न चरैब तोहर गैया।

चार महीना मैया ठंडी के दिनवा,

ठंडी के दिनवा मैया ठंडी के दिनवा,

ठंडी से कांपे बदनवा यशोदा मैया,

हम न चरैब तोहर गैया।

एकर बाद बची समय तो बतायब,

एकर बाद बची समय तो बतायब,

तब हम चरैब तोहर गैया यशोदा मैया,

तब हम चरैब गैया।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।