रंग मेरे श्याम ने लाया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं बेरंगी फिरदी सा रंग मेरे श्याम ने लाया,

रंग मेरे श्याम ने लाया, रंग मेरे श्याम ने लाया,

मैं बेरंगी फिरदी सा रंग मेरे श्याम ने लाया.....

अपने श्याम तो बारे जावा,

मन मोहन दा शूकर मनावा,

जद दी मैं मोहन दी हो गई,

मजा जीन दा आया,

मैं बेरंगी फिरदी सा रंग मेरे श्याम ने लाया.....

अपने श्याम दे बुहे बह गई,

अपने श्याम दी हो के रह गई,

मन मोहन ने कोल बिठाके,

मेरा भाग जगाया,

मैं बेरंगी फिरदी सा रंग मेरे श्याम ने लाया.....

श्याम बिना ना मेरा गुजारा,

श्याम बिना ना मेरा सहारा,

मेरे जेहे नू गल नाल लाके,

ऐसा कर्म कमाया,

मैं बेरंगी फिरदी सा रंग मेरे श्याम ने लाया.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।