तर जाएगा नर तू

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ना तरे जो नर तू,

तीर्थ जाने से,

गंगा नहाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से....

ना तरे जो नर तू,

भजन सुनाने से,

कीर्तन गाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

ना तरे जो नर तू,

मंदिर जाने से,

शीश झुकाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

अहिल्या तारी ज्यूं,

चरण छुआने से,

अंतकाल में तर गया रावण,

राम नाम सुनाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

नर तर गए,

वानर तर गए,

तर गए पर्वत,

सागर तर गए,

राम दर्शन पाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

खग मीन सब,

प्राणी तर गए,

ऋषि मुनि और,

ज्ञानी तर गए,

मन में राम समाने से,

तर जाएगा नर तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

जन्म जन्म के बंधन छूटे,

आत्म ज्योति जगाने से,

सत्संग में जाने से,

दो बोल मीठे राम राम के,

उन्हें सुनने सुनाने से,

तर जाएगा राजीव तू,

राम गुण गाने से,

राम धुनि रमाने से,

तर जाएगा नर तू....

©राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।