मेरे साई की पालकी आई

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ श्री साई, ॐ श्री साई, जय साई राम.....

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई,

मेरे बाबा की पालकी आई,

मेरे साई की पालकी आई,

छाई छाई छाई भगतों पे मस्ती छाई,

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई......

पालकी संग है शिव जी आये,

पार्वती को साथ ले आये,

जटाधर गंगा बरसाई,

ओ मेरे साई की पालकी आई,

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई......

पालकी संग है राम जी आये,

सीता जी को साथ ले आये,

जोड़ी है अजब इलाही,

ओ मेरे साई की पालकी आई,

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई......

पालकी संग श्याम जी आये,

राधा जी को साथ ले आये,

कान्हा ने बंसी बजाई,

ओ मेरे साई की पालकी आई,

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई......

संग ‘निखिल’ के संगत गाये,

अनजानो को भजन को सुनाये,

ताली भक्तों ने लगाई,

ओ मेरे साई की पालकी आई,

आई आई आई साई बाबा की पालकी आई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।