हम तो दीवाने राम के राम राम गाएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हम तो दीवाने राम के राम राम गाएंगे,

राम राम गाएंगे, सीता राम गाएंगे,

हम तो दीवाने राम के......

महल दो महलों की राम हमें परवाह नहीं,

तुम्हारी आयोध्या में कुटिया बनाएंगे,

हम तो दीवाने राम के.....

रिश्ते नातों की राम हमें परवाह नहीं,

सीता के पति को अपना बनाएंगे,

हम तो दीवाने राम के.....

खान पकवानों की राम हमें परवाह नहीं,

तुम्हारी झूठन से काम हम चलाएंगे,

हम तो दीवाने राम के.......

बोलो श्रीराम जय राम जय जय राम,

बोलो श्रीराम जय राम जय जय राम,

बोलो श्रीराम जय राम जय जय राम....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।