बहुत लगने लगा है डर शम्भू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बहुत लगने लगा है डर,

दुनिया से भोले नाथ शम्भू,

बुरा हुआ बहुत जमाना,

करो कुछ भोले नाथ शम्भू....

अपनेपन का भाव रहा नहीं मन में,

जल रहा है आदमी एक दूजे से जलन में,

खाक हुए,हुए सब अनाथ शम्भू,

बुरा हुआ बहुत जमाना,

करो कुछ भोले नाथ शम्भू,

बहुत लगने लगा है डर....

धी बेटियों पर बहुत हो रहे हैं अत्याचार,

गुम वासनाओं में हो रहे हैं संस्कार,

मर्यादा मान का छोड़ रहे सब साथ शम्भू,

बुरा हुआ बहुत जमाना,

करो कुछ भोले नाथ शम्भू,

बहुत लगने लगा है डर....

भूला राजीव सब पूजा पाठ भक्ति विनती,

कोड़ी कोड़ी जोड़ने को याद रही उसे गिनती,

लोभ लालच की हो रही मन पे घात शम्भू,

बुरा हुआ बहुत जमाना,

करो कुछ भोले नाथ शम्भू,

बहुत लगने लगा है डर....

त्राहि माम का चारों ओर उठ रहा शोर है,

घिरा मन अंधियारे में,पाप चहुँ ओर है,

पछता रहे हैं सब कीजिए हमें माफ शम्भू,

बुरा हुआ बहुत जमाना,

करो कुछ भोले नाथ शम्भू,

बहुत लगने लगा है डर....

©राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।