जरा सी और पिला दे भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ,

मैं पीके करूं तेरा गुणगान,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ.....

यह बूटी मीरा ने पी लई,

उन्हें मिले गिरधर गोपाल,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ....

यह बूटी‌ द्रोपति ने पी लई,

उनका चीर बढामें नंदलाल,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ....

यह बूटी नरसी ने पी लई,

उनका भात भरामें घनश्याम,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ....

यह बूटी नंदी ने पी लई,

वो रहे तुम्हारे साथ,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ....

यह बूटी हम सब ने पी लई,

हमारा हो गया बेड़ा पार,

जरा सी और पिला दे भोलेनाथ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।