सुन सुन मेरे साथी

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

ह्रदय की प्रीत प्रभु को रिझाती,

ह्रदय की प्रीत प्रभु को रिझाती,

प्रेम का धन जो लिए,

उसी के राम हुए सुखधाम हुए सब काम हुए,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

प्रेम दीवानी मीरा रानी,

कहती है क्या बात सुहानी,

प्रेम दीवानी मीरा रानी कहती है क्या बात सुहानी...

माई मैं तो गोविन्द लीन्हो मोल,

भेद दिए सब खोल,

भेद दिए सब खोल,

हरी को आवे प्रेम की मोल,

हरी को आवे प्रेम की मोल,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

विरह की मन में जला कर बाती,

विरह की मन में जला कर बाती,

प्रेम का प्रण जो लिए,

उसी के राम हुए सुखधाम हुए सब काम हुए....

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी...

दरस दीवाना हुआ फकीरा,

प्रेमधनी और मस्त कबीरा,

दरस दीवाना हुआ फकीरा,

प्रेमधनी और मस्त कबीरा,

पाछे पाछे,

हर इक ने कहत कबीर अमीरे,

कहत कबीरा जान,

कहत कबीरा जान..

प्रेम से बड़ा न कोई ज्ञान,

प्रेम से बड़ा न कोई ज्ञान,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

ना झूठी दुनिया जिसे ललचाती,

ना झूठी दुनिया जिसे ललचाती,

समर्पित मन जो मिले,

उसी के राम हुए सुखधाम हुए सब काम हुए...

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

तुलसी ने सब छोड़ के माया,

रघुबर को क्या खूब मनाया,

तुलसी ने सब छोड़ के माया,

रघुबर को क्या खूब मनाया,

तुलसीदास चन्दन घिसे,

तिलक देत रघुबीर,

राम तुम है बस प्यार,

राम को है बस प्यार,

प्यार से करदो कोई पुकार,

प्यार से करदो कोई पुकार...

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

प्रेम की लगन जिसे लग जाती,

प्रेम की लगन जिसे लग जाती,

जो प्रभु का बन के जिए,

उसी के राम हुए सुखधाम हुए सब काम हुए,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी,

सुन सुन सुन मेरे साथी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।