मेरा तो भोलेनाथ से नाता है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है....

मेरी ये जीवन गाड़ी

मेरी ये जीवन गाड़ी भोले चलाता है,

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है…

जब जब मुझको पड़ती है दरकार,

शिव हमेशा रहता है तैयार,

शिव मुझको पर किया उपकार,

शिव ही मेरे जीवन का आधार,

हरदम ये मुझपर अपना प्यार लूटाता है,

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है…

दुख के बादल जब जब मंडराते,

शिव नाम लेते ही छँट जाते,

बाल भी बांका वो ना कर पाते,

कभी दोबारा नज़र नही आते,

बाल भी बांका वो ना कर पाते,

कभी दोबारा नज़र नही आते,

संकट आने से पहले,

संकट आने से पहले भोला आता है,

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है…

मेरे मन में आता जो भी ख्याल,

शिव व्यवस्था करता है तत्काल,

हरपल मुझको ये ही रहा संभाल,

शिव कृपा से मैं हूँ मालामाल,

जिसके लायक ही नही मैं,

जिसके लायक ही नही मैं वो मिल जाता है,

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है…

शिव भरोसे मै निश्चिंत हूँ,

क्योंकि मैं तो श्याम पे आश्रित हूँ,

शिव चरण मे पूर्ण समर्पित हूँ,

इसलिए मैं सदा सुरक्षित हूँ,

जी भर के बिन्नु को ये,

जी भर के बिन्नु को ये लाड लड़ाता है,

क्यों घबराऊँ मैं मेरा तो भोलेनाथ से नाता है…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।