पूजा मेरी स्वीकार करो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

पूजूं मैं प्रथम तुमको,

पूजा मेरी स्वीकार करो,

हे दुख भंजन हे शिव नंदन,

मुझपे भी उपकार करो,

पूजा मेरी स्वीकार करो....

तुम विनायक सबके सहायक,

तुम ही हो सृजनहार,

समय बुरा ना आए उसका,

जो ध्याये तुमको बारंबार,

करूं वंदन मैं भी निस दिन,

सर से दुखों का भार हरो,

पूजूं मैं प्रथम तुमको,

पूजा मेरी स्वीकार करो....

ज्योतिर्मयी है छवि तुम्हारी,

करे नाश सब अंधकार,

विश्व के पालक तुम गणनायक,

तुम्हारे चरणों में खुशियों का अम्बार,

जोत अलख जगाऊं मैं निस दिन,

दूर मेरे भी मन के अंधियार करो,,

पूजूं मैं प्रथम तुमको,

पूजा मेरी स्वीकार करो....

आनंद हो तुम परमानंद हो,

हो सब सुखों का सार,

हे विघ्नहर्ता विघ्न तुम हरते,

भव से लगाते पार,

आकर थामों पतवार मेरी भी,

स्वामी मेरा भी उद्धार करो,

पूजूं मैं प्रथम तुमको,

पूजा राजीव की स्वीकार करो....

पूजूं मैं प्रथम तुमको,

पूजा मेरी स्वीकार करो,

हे दुख भंजन हे शिव नंदन,

मुझपे भी उपकार करो,

पूजा मेरी स्वीकार करो....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।