तेरा ग़म रहें सलामत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरा गम रहे सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है,

यही मेरी ज़िंदगी है, यही मेरी बंदगी है....

तेरा दर्द मेरा नग़मा, तेरा गम मेरी ख़ुशी है,

मुझे दर्द देने वाले, तेरी बंदा परवरी है,

तेरा ग़म रहें सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है...

न अलम मेरा अलम है, न खुशी मेरी खुशी है,

जिस हाल में तू रखे, तेरी बंदा परवरी है,

तेरा गम रहे सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है...

शबे गम की वेदना को, कोई मेरे दिल से पूछे,

तेरा नाम रटते रटते, जिसे सुबह हो गई है,

तेरा गम रहे सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है...

तेरा गम रहे सलामत, मेरे दिल को क्या कमी है,

यही मेरी ज़िंदगी है, यही मेरी बंदगी है....

बाबा धसका पागल जी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।