हस्ती श्याम दीवाने की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हर वक़्त वजह ना पूछो मेरे मुस्काने की,

हस्ती ही ऐसी होती हर श्याम दीवाने की....

मुस्कान प्यारी मैंने सांवरे से पाई,

यही तो है श्याम नाम की साँची कमाई,

कीमत तुम क्या जानो अनमोल ख़ज़ाने की,

हस्ती ही ऐसी होती हर श्याम दीवाने की....

पतझड़ सा जीवन अब तो हरा और भरा है,

रवि की तरह लाखों का जीवन तरा है,

चढ़ी खुमारी इसको अब श्याम तराने की,

हस्ती ही ऐसी होती हर श्याम दीवाने की....

श्याम सहारा भक्तों का प्यारा लीले की सवारियां,

दीनो का ये दास कन्हैया करता रखवारियाँ,

खाटू बुलाता प्यार लुटाताभक्तों पे करता मेहरबानियां,

दीनो की ये करता रखवारियाँ....

देखो तो जाके एक बार खाटू का मौसम,

कसम से कहोगे जीवन हो गया रोशन,

नहीं ज़रूरत मुझको ज़्यादा फरमाने की,

करो तैयारी तुम भी संग में खाटू जाने की,

हर वक़्त वजह ना पूछो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।