फ़रियाद करती हूँ दिल शाद करती हूँ

पारंपरिक
महादेव भजन खाटू श्याम भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

फ़रियाद करती हूँ दिल शाद करती हूँ,

मुरली मनोहर से ह्रदय की बात कहूंगा,

खामोश रहूँगा......

सच कहता हूँ श्याम हकीकत मेरी है,

तेरे फैसले में भी इतनी देरी है,

खुशियां दो चाहे ग़म दो सर झुका के सहूंगा,

खामोश रहूँगा......

मुरली वाले श्याम सुनाई कब होगी,

दूरी से गोपाल रिहाई कब होगी,

मीठी यादों की त्रिवेणी के बीच बहूंगा,

खामोश रहूँगा.......

श्याम बहादुर शिव के तुम ही साथी हो,

मन दिवले की कृष्ण कन्हैया बाती हो,

तेरे चाहने वालों केआगे मैं तो रहूँगा,

खामोश रहूँगा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।