जबसे मिला है तेरा द्वार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जबसे मिला है तेरा द्वार,

जीवन में अब खुशियां हैं आई,

रंग तेरी रीत का, रंग तेरी प्रीत का,

रंग तेरी जीत का है लाये,

रंग तेरी रीत का रंग तेरी पीरट का,

जीवन में अब खुशियां हैं आई,

तुझ बिन सूना था मेरा संसार,

दूर हुई मेरी तन्हाई,

जबसे मिला है तेरा द्वार,

जीवन में अब खुशियां हैं आई....

याद है मुझे वो दिनअपने ही गैर हुए थे,

तोड़े थे सारे सपने मैं संजोये हुए थे,

सांवरे सुनले मेरी डोर है तेरे हवाले,

सांवरे सांवरे अब आकाश की आँख भर आई,

अब मुझे देना है उन्हें जवाब,

तूने मेरी हिम्मत बढ़ाई,

जबसे मिला है तेरा द्वार,

जीवन में अब खुशियां हैं आई......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।