मेरे राम जानते है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्री राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

श्री राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

श्री राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

श्री राम जानते है,

बंदे के दिल में क्या है,

बंदे के दिल में क्या है,

मेरे राम जानते है,

बंदे के दिल में क्या है,

मेरे राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

मेरे राम जानते है……

किसी को नहीं मालूम क्या...

आता कहाँ से कोई,

जाता कहाँ है कोई,

आता कहाँ से कोई,

जाता कहाँ है कोई,

आता कहाँ से कोई,,

जाता कहाँ है कोई

आता कहाँ से कोई,

जाता कहाँ है कोई…..

किसी को नहीं मालूम लेकिन…..

युग युग से,

इस गति को,

युग युग से,

इस गति को,

मेरे राम जानते है,

युग युग से,

इस गति को,

मेरे राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

मेरे राम जानते है…..

आदमी कैसा जीव है वो,

कोई ठग के चला गया ना,

कहता है,

अरे जाओ जाओ ऊपर,

बैठा सब जानता है,

वो सब देख रहा है,

और जब अपने किसी को ठगता है,

तो भूल जाता है कि ऊपर,

बैठा यह भी देख रहा है,

कितना भी छिपा लीजिए,

साधक कहता है……..

नेकी बदी को अपने,

जितना भी हम छिपा ले,

नेकी बदी को अपने,

जितना भी हम छिपा ले,

नेकी बदी को अपने,

जितना भी हम छिपा ले,

नेकी बदी को अपने,

जितना भी हम छिपा ले,

श्री राम को पता है,

श्री राम को पता है,

मेरे राम जानते है,

श्री राम को पता है,

मेरे राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

श्री राम जानते है……

एक शब्द है किस्मत,

किस्मत सुने है आप लोग ना?

सुने है ना?

सब जानते है और सब,

इसकी बात भी करते है,

शायद मेरे किस्मत,

में यही लिखा था,

शायद मेरे किस्मत में,

यह बात नहीं थी,

साधक कहता है यह……

किस्मत के नाम को तो,

सब जानते है लेकिन,

किस्मत के नाम को तो,

सब जानते है लेकिन,

हाँ

किस्मत के नाम को तो,

सब जानते है लेकिन,

किस्मत के नाम को तो,

सब जानते है लेकिन,

क्या रे

किस्मत में क्या लिखा है,

किस्मत में क्या लिखा है,

मेरे राम जानते है,

किस्मत में क्या लिखा है,

मेरे राम जानते है,

जो भी भला बुरा है,

श्री राम जानते है,

बंदे के दिल में क्या है,

मेरे राम जानते है,

मेरे राम जानते है,

मेरे राम जानते है…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।