शिरडी वाले साईं बाबा

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

बड़े नसीब से होते हैं, तेरे दरबार के दर्शन,

बाबा नसीब से होते हैं, तेरे दरबार के दर्शन,

यहाँ ना कहाँ बार बार होता है,

शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली,

ओ, शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली,

लब के दुआएँ, आँखों में आँसू,

दिल में उम्मींदें, पर झोली खाली,

शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली…

ओ मेरे साईँ देवा, तेरे सब नाम लेवा,

ओ मेरे साईँ देवा, तेरे सब नाम लेवा,

जुदा इन्सान सारे सभी तुझको हैं प्यारे,

सूने फ़रियाद सबकी, तुझे है याद सबकी,

बड़ा या कोई छोटा नहीं मायूस लौटा

अमीरों का सहारा, ग़रीबों का गुज़ारा,

तेरी रहमत का क़िस्सा, बयाँ अकबर करे क्या,

दो दिन की दुनिया, दुनिया है गुलशन

सब फूल बाँटे, तू सबका माली

शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली…

चले आते हैं दौड़े जो ख़ुश क़िस्मत है थोड़े,

ये हर राही की मंज़िल, ये हर कश्ती का साहिल,

जिसे सबने निकाला उसे तूने संभाला,

जिसे सबने निकाला उसे तूने संभाला,

तू बिछड़ों को मिला दे बुझे दीपक जला दे,

तू बिछड़ों को मिला दे बुझे दीपक जला दे,

ये ग़म की रातें, रातें ये काली,

इनको बना दे ईद और दीवाली,

शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली,

लब के दुआएँ, आँखों में आँसू,

दिल में उम्मींदें, पर झोली खाली,

शिरडी वाले साईं बाबा,

आया है तेरे दर पे सवाली…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।