मेरे साईं राम मेरे साईं श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम…

मैं हर पल तेरा ध्यान करूँ,

तेरे नाम की माला मैं सिमरूँ,

मेरे मौला हो मुझपे असर,

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम…

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम……

मैं हर पल तेरा ध्यान करूँ,

तेरे नाम की माला मैं सिमरूँ,

मेरे मौला हो मुझपे असर,

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम…

तेरा हाथ सदा सर पे रखना,

ऐ साईं सदा मेरे संग रहना,

तेरे दम पे रौशन शाम शहर,

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम…..

मैं जग में बना अनाम फिरूं,

बस तेरी दया से नाम करूँ,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम,

मैं छोड़ तेरा दर जाऊँ किधर,

ऐ साईं मेरे, तेरे नूर ऐ नज़र,

पड़ते ही बिगड़ी जाऐ सँवर,

मेरे साईं राम, मेरे साईं श्याम…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।