महाकाल नाम का बन गया दिवाना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महाकाल महाराज मेरे,

महाकाल महाराज,

उज्जैन के सरकार मेरे,

महाकाल महाराज...

महाकाल का नाम का मैं,

बन गया दिवाना,

मुझको रिझाऐ चाहे,

सारा ये जमाना,

महाकाल नाम का मैं,

बन गया दिवाना....

दिन रात जपूँ सुबह शाम जपूँ,

मै तो तेरे नाम कि माला,

मेरे मन में है मेरे तन में है,

शिव शंकर डमरू वाला,

महाकाल नाम का मैं बन गया दिवाना,

मुझे रास आए तेरा डमरू बजाना,

महाकाल नाम का मैं बन गया दिवाना….

तन भस्मी रमे, गले नाग सजे ,

शिव पिऐ भंग का प्याला,

सिर गंग बसे और चन्द्र सजे,

शिव नीलकंठ मतवाला,

महाकाल नाम का मैं,

बन गया दिवाना,

छोड़ सारी दुनिया को,

तुझको ही मनाना,

महाकाल नाम का मैं

बन गया दिवाना….

हो जन्म मृत्यु से पार तुम्हीं ,

तुम आत्मतत्व परिभाषा,

इन आँखों को पागल मन को

बस तेरे दरस की आशा,

महाकाल नाम का मैं बन गया दीवाना,

जल्दी ही आना शम्भू मुझको न सताना……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।