भोले मुझको ऐसा घर दो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले मुझको ऐसा घर दो जिसमे तुम्हारा मंदिर हो,

ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी तुम मंदिर के अन्दर हो....

एक कमरा जिसमे तुम्हारा आसन भोले सजा रहे,

हर पल हर छिन भक्तो का वहां आना जान लगा रहे,

छोटे बड़े का उस घर में एक सामान ही आदर हो,

ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी तुम मंदिर के अन्दर हो…

इस दर से कोई भी सवाली खाली कभी जाए ना,

चैन ना पाऊं तब तक भोले जब तक चैन वो पाए ना,

मुझको दो वरदान दया का तुम तो दया का सागर हो,

ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी तुम मंदिर के अन्दर हो…

हर एक प्राणी उस घर का भोले तेरी महिमा गाता रहे,

तू रखे जिस हाल मैं दाती हर पल शुक्र मनाता रहे,

कभी न हिम्मत हारे माता चाहे शमा भयंकर हो,

ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी तुम मंदिर के अन्दर हो…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।