शम्भू महादेवा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा,

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा....

मैं बम-बम-बम-बम कहता हूँ, मैं आप में नहीं रहता हूँ,

मेरी सोच को कोई मिटा न सके, मुझे धर्म से कोई हिला न सके,

है दिल में शंकर के घेरे, शिव जन्म-जन्म से है मेरे,

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा....

वो आदियोगी वो महाकाल, ये रिश्ते नाते सब मायाजाल,

वो आँख मूँद कर देख रहा, हम सबके साथ वो खेल रहा,

वो नियम कोई न माने है, पर सबके दिल की जाने है,

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा....

वो मुण्डमाल धारण करता, नटराज राज सब पर करता,

रावण शिवतांडव गान करे, वो निर्बल का अभिमान बने,

इस जीवन का आधार शिवा चहु वेदो का भी सार शिवा,

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा...

अकाल मृत्यु वो मरे, जो काम करे चांडाल का,

काल से में क्यों डरु, मैं पुत्र हूँ महाकाल का,

मैं धरम कर्म और शिव के लिए ये प्राण भी दू प्राण भी लू,

शम्भू महादेवा, शम्भू महादेवा…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।