दया करो दया करो

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

दया करो दया करो हे ईश्वर दया करो

सबके मन में द्वेष समय अज्ञान ने कदम बढ़ाया

धरती माँ व्याकुल होकर तुम्हे पुकारे दया करो

दया करो दया करो हे ईश्वर दया करो

जब तुमने ये ब्रह्माण्ड रचाया

तब था इसमे प्रेम समय

छोटे करते बड़ों का मान

बड़े लुटाते स्नेह का दान

कहाँ गया वो मान सामान

कहाँ गया वो स्नेह का दान

हे ईश्वर फिर से दे दो मान सामान का वो वरदान

दया करो दया करो हे ईश्वर दया करो

शास्त्र पुराण कहते हैं

नारी है जग का आधार

वो है शक्ति वो है देवी

जिसके बिना सूना संसार

फिर क्यों उस देवी का

मन सामान छेने संसार

कहाँ गया वो शास्त्र ज्ञान

जो नारी को कहते हैं महान

दया करो दया करो हे ईश्वर दया करो

प्रियंका अग्निहोत्री

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।