शिव आए यशोदा के द्वार

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा,

अभी सोया हुआ है नंदलाल बाबा ले भीख ले जा.....

कैलाश पर्वत से आया हूं माता,

दर्शन करा दे तेरे जीवन के दाता,

पैया परू में तिहार मात मोहे दर्शन करा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

गले तुम्हारे बाबा सर्पों की माला,

जिसे देख डर जाएगा मेरा लाला,

तुझे कैसे दिखाऊं अपना लाल बाबा ले भीख ले जा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

डरता है जिससे ब्रह्मांड सारा,

उसको डर आऊंगा मैं क्या बेचारा,

वह तो सबके जीवन का आधार मात मोहे दर्शन करा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

बड़ी मुरादों से शुभ दिन आया,

ढलती उमरिया में यह लाल पाया,

मेरी ढलती उमरिया का लाल बाबा ले भीख ले जा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

कहती है लाल तू जिसको माता,

वह तो है सारे जग का विधाता,

उसकी महिमा है अपरंपार मात मुझे दर्शन करा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

आंचल से ढक कर लाई यशोदा,

भोले को देख मुस्काए लाला,

या को नाम धरो गोपाल मात मोहे दर्शन करा,

शिव आए यशोदा के द्वार मात मोहे दर्शन करा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।