बीच भंवर में नैया मेरी

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बीच भंवर में नैया मेरी,

गुड़गुड गोते खाये,

तारणहार तुम्ही हो भगवन मेरे,

भला और कौन पार लगाये...

हरते हो विघ्न सभी के,

बिगड़ी देते हो बनाये,

कष्टों के मेरे भी निवारण का,

करो प्रभु जी कुछ उपाय,

तारणहार तुम्ही हो भगवन मेरे,

भला और कौन पार लगाये....

सर पे धर दो हाथ प्रभु जी,

दो थोड़ा प्यार जताये,

दुखियारे बेचारे शरणागत को,

दुखियारे बेचारे राजीव को,

भगवन मेरे रहे हो क्यूं सताये ,

तारणहार तुम्ही हो भगवन मेरे,

भला और कौन पार लगाये.....

©राजीव त्यागी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।