संत सिंगाजी महाराज लगय गया बाड़ी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

संत सिंगाजी महाराज, लगय गया बाड़ी लगय गया बाड़ी,

सतसंग का बोया बीज निमाड़ी निमाड़ी.....

गवलय निमाड़ का माही, आया अवतारी आया अवतारी,

पिता भीमा जी माता गऊर बाई थारी,

संत आया रे मिजमान, आया शुभ घड़ी आया शुभ घड़ी,

सतसंग का बोया बीज निमाड़ी निमाड़ी,

संत सिंगाजी महाराज.....

निर्गुण भक्ति करि, करि बड़ी न्यारी करि बड़ी न्यारी,

शरद पूनम को मेलो लगई गया भारी,

अखंड जलती जोत, महिमा बड़ी रे महिमा बड़ी,

सतसंग का बोया बीज निमाड़ी निमाड़ी,

संत सिंगाजी महाराज.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।