कैसी ये लीला दिखाई भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कैसी ये लीला दिखाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई भोले बाबा....

माथे पर टीका लाल लाल बिंदिया,

होठों पर लाली लगाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

कानों में कुंडल नाक में नथुनिया,

नैनो में कजरा लगाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

गले में हरवा बाहों में कंगना,

लाल लाल मेहंदी लगाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

कमर करधनिया पैरों में पायलिया,

लाल लाल महावर लगाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

तनु पर लहंगा सर पर चुनरिया,

बालों में गजरा लगाई भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

बन के गुजरिया संग में गोरा मैया,

ब्रज गलियों में आए भोले बाबा,

हमारी समझ में ना आई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।